नकली फ़ोन को ऐसे पहचानें: फेस्टिवल सेल के दौरान सतर्क रहना जरूरी
कहीं आपका नया फ़ोन नकली फ़ोन तो नहीं? त्योहारी सीजन में मिलने वाले आकर्षक ऑफ़र हमें नए स्मार्टफोन खरीदने के लिए प्रेरित करते हैं, लेकिन इन सेल्स के बीच नकली फ़ोन बेचने का खेल भी खूब चलता है। पिछले कुछ वर्षों में, ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म से रिफर्विश्ड, डुप्लीकेट या खराब मोबाइल प्राप्त होने के कई मामले सामने आए हैं।
नकली मोबाइल फ़ोन को पहचानना अब मुश्किल नहीं है, बस थोड़ी सतर्कता और सही जानकारी की ज़रूरत है। यहाँ हमने विस्तृत जानकारी दी है, जो आपको यह जानने में मदद करेगी कि आपका नया फ़ोन असली है या नकली फ़ोन है।
1. IMEI नंबर की जाँच सबसे ज़रूरी है
हर मोबाइल फ़ोन का एक 15 अंकों का यूनिक नंबर होता है, जिसे IMEI (इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी) कहा जाता है। यह नंबर फ़ोन की पहचान का प्रमाण हर मोबाइल का अलग होता है। ■ संचार साथी पोर्टल का उपयोग करें:
अगर आपको नए फ़ोन की असलियत जाननी है, तो भारत सरकार के संचार साथी पोर्टल का उपयोग करना सबसे आसान और भरोसेमंद तरीका है:https://www.sancharsaathi.gov.in/ वेबसाइट पर जाएं।
होमपेज पर, सिटिजन सेंट्रिक सर्विसेज (Citizen Centric Services) सेक्शन में नो योर मोबाइल (Know Your Mobile) या IMEI वेरिफिकेशन का विकल्प चुनें।
कैप्चा भरें, अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और OTP (वन टाइम पासवर्ड) वेरिफाई करें।
अब फ़ोन का 15 अंकों का IMEI नंबर दर्ज करें और सबमिट कर दें।
कुछ ही क्षणों में फ़ोन की असलियत सामने आ जाएगी। सिस्टम में फ़ोन का ब्रांड, मॉडल, निर्माता आदि जैसी आधिकारिक जानकारियां दिखाई देंगी। यदि जानकारी आपके फ़ोन के विवरण से मेल नहीं खाती है, तो फ़ोन के नकली फ़ोन होने की संभावना है।
होमपेज पर, सिटिजन सेंट्रिक सर्विसेज (Citizen Centric Services) सेक्शन में नो योर मोबाइल (Know Your Mobile) या IMEI वेरिफिकेशन का विकल्प चुनें।
कैप्चा भरें, अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और OTP (वन टाइम पासवर्ड) वेरिफाई करें।
अब फ़ोन का 15 अंकों का IMEI नंबर दर्ज करें और सबमिट कर दें।
कुछ ही क्षणों में फ़ोन की असलियत सामने आ जाएगी। सिस्टम में फ़ोन का ब्रांड, मॉडल, निर्माता आदि जैसी आधिकारिक जानकारियां दिखाई देंगी। यदि जानकारी आपके फ़ोन के विवरण से मेल नहीं खाती है, तो फ़ोन के नकली फ़ोन होने की संभावना है।
Read More:आपका नया फ़ोन कहीं हैक तो नहीं हो गया! जाने मोबाइल फ़ोन सुरक्षा टिप्स और साइबर हमले
■ ऐप और SMS से भी जांच करें:
आप संचार साथी ऐप डाउनलोड करके भी IMEI की जांच कर सकते हैं। बिना इंटरनेट के भी यह जांच संभव है:अपने फ़ोन में *#06# डायल करें। इससे IMEI नंबर तुरंत स्क्रीन पर दिखाई देगा।
इस 15 अंकों के IMEI नंबर को KYM (Know Your Mobile) लिखकर 14422 पर SMS कर दें। जवाब में आपको फ़ोन की स्थिति और विवरण प्राप्त हो जाएगा।
टिप: फ़ोन के बॉक्स पर, बिल पर और फ़ोन के डायल पैड पर *#06# डायल करने पर दिखने वाला IMEI नंबर हमेशा एक जैसा होना चाहिए।
2. परफॉरमेंस और ऑपरेटिंग सिस्टम की पहचान
नकली फ़ोन अक्सर सस्ते कंपोनेंट्स का उपयोग करके बनाए जाते हैं, जिससे उनकी परफॉरमेंस खराब होती है।■ सस्ते SOC और ख़राब परफॉरमेंस:
नकली फ़ोन में आमतौर पर सस्ते SOC (System On Chip) लगाए जाते हैं। ये न तो बेहतर परफॉरमेंस देते हैं और न ही स्मूथ यूजर एक्सपीरियंस। ऐसे फ़ोन में:●ऐप्स बार-बार क्रैश होंगे।
●फ़ोन जल्दी गर्म हो जाएगा।
●मल्टीटास्किंग करते समय लैग (धीमापन) दिखाई देगा।
यदि आपका नया फ़ोन विज्ञापित स्पेसिफिकेशन्स के बावजूद धीमा चल रहा है, तो सतर्क हो जाएं।
■ ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) की जाँच:
फ़ोन खरीदने के बाद उसके ऑपरेटिंग सिस्टम को ध्यान से जांचें।मेन्यू, ऐप्स और सेटिंग्स में जाएं और देखें कि सब कुछ सही से काम कर रहा है या नहीं।
नकली फ़ोन में OS इंटरफ़ेस अक्सर अटपटा या अधूरा होता है।
आइकन, फ़ॉन्ट या सेटिंग्स का लेआउट असली ब्रांड के OS से अलग दिख सकता है।
सेकंड हैंड या रिफर्विश्ड फ़ोन के लिए यह जाँच और भी ज़रूरी है।
3. हार्डवेयर और फीचर्स की जांच
नकली फ़ोन में अक्सर कम गुणवत्ता वाले हार्डवेयर का उपयोग किया जाता है या कुछ फीचर्स केवल दिखाने के लिए दिए जाते हैं। जैसे -■ कैमरा और सेंसर की जाँच:
कैमरा टेस्ट: फ़ोन का फ्रंट और बैक कैमरा टेस्ट करें। देखें कि क्या वे वाइड एंगल, नाइट मोड या ज़ूम जैसे फीचर्स दे रहे हैं। नकली कैमरा ऐप का लेआउट और इंटरफ़ेस हमेशा असली से अलग होता है।सेंसर: कई नकली फ़ोन में एनएफसी (NFC) या फिंगरप्रिंट सेंसर जैसे फीचर्स सिर्फ नाम के लिए होते हैं, लेकिन असल में वे काम ही नहीं करते। फिंगरप्रिंट या फेस रिकाग्निशन को सिक्योरिटी सेटिंग्स में जाकर ट्राई करके देखें कि वे आसानी से काम कर रहे हैं या नहीं।
■ कनेक्टिविटी टेस्ट:
वाई-फाई, ब्लूटूथ, जीपीएस और एनएफसी को ऑन-ऑफ करके देखें कि ये आसानी से कनेक्ट हो रहे हैं या नहीं। यदि ब्लूटूथ या वाई-फाई कनेक्शन अस्थिर है, तो यह नकली फ़ोन का संकेत हो सकता है।4. CPU-Z ऐप से प्रोसेसर की जाँच
सबसे विश्वसनीय तरीकों में से एक है फ़ोन के आंतरिक हार्डवेयर की जाँच करना।गूगल प्ले स्टोर से CPU-Z (सीपीयू-जेड) या AIDA64 (एआइडीए 64) ऐप डाउनलोड करें।
यह ऐप फ़ोन के अंदर लगे मुख्य हार्डवेयर की पूरी जानकारी दिखाता है: प्रोसेसर, ग्राफिक्स यूनिट, रैम, डिस्प्ले रिजॉल्यूशन।
ऐप खोलने के बाद 'डिवाइस' (Device) टैब में जाएं, जहाँ हार्डवेयर सेक्शन में असली प्रोसेसर का नाम दिखाई देगा।
अब इस प्रोसेसर के नाम को उस मॉडल की आधिकारिक स्पेसिफिकेशन शीट से मिलाएं, जो फ़ोन कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध होती है।
यदि दोनों में अंतर है (उदाहरण के लिए, वेबसाइट पर स्नैपड्रैगन बताया गया है और ऐप मीडियाटेक दिखा रहा है), तो फ़ोन नकली या मॉडिफाइड हो सकता है।
5. सुरक्षित कैसे रहें और नकली फ़ोन से बचें
नकली फ़ोन का नुकसान केवल पैसों तक सीमित नहीं रहता है। इन फ़ोन में कई गंभीर जोखिम होते हैं:कमज़ोर सुरक्षा: नकली फ़ोन में सिक्योरिटी कमज़ोर होती है, जिससे आपकी निजी जानकारी, बैंक डिटेल्स या फोटो तक चोरी हो सकती है।
अपडेट की कमी: ये फ़ोन असली ब्रांड के सर्वर से नहीं जुड़े होते हैं, इसलिए सॉफ़्टवेयर अपडेट और सिक्योरिटी पैच भी नहीं मिलते हैं, जो उन्हें साइबर हमलों के प्रति संवेदनशील बनाता है।
बैटरी: बैटरी जल्दी गर्म हो जाती है और फटने का खतरा भी रहता है, क्योंकि उनमें निम्न-गुणवत्ता वाले घटक होते हैं।
■ बचने के लिए:
हमेशा अधिकृत वेबसाइट या स्टोर (Authorized Website or Store) से ही मोबाइल खरीदें।अज्ञात वेबसाइटों या इंटरनेट मीडिया ऑफर से दूरी बनाकर रखें, जो अविश्वसनीय रूप से कम कीमतों पर फ़ोन बेचते हैं।
बॉक्स की सील, पैकेजिंग और बिल को ध्यान से जांचें।
नकली फ़ोन की पहचान करने के लिए ऊपर बताए गए सभी तरीकों को अपनाना और केवल भरोसेमंद स्रोतों से खरीदारी करना ही सुरक्षित रहने का एकमात्र उपाय है।
Read More:


