पहले टेस्ट की पहली पारी में, बल्लेबाजों का निराशाजनक प्रदर्शन |क्या भारत मैच हार जायेगा।
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई भारतीय टीम के पहले पर्थ टेस्ट में बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन के कारण 150 रन ही बन पाये। सब यह सोच रहे थे कि भारत मैच हार जाएगा। लेकिन वह यह भूल गए कि भारत की गेंदबाजी अभी बाकी है। फिर क्या, गेंदबाजों के दम पर या यूं कहें कि गेंदबाजों की बदोलत , पर्थ टेस्ट में भारतीय टीम ने दमदार वापसी का शानदार नजारा पेश किया।
पहली पारी का हाल:
ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने पहले टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। जवाब में भारत के लिए ओपनिंग करने आए, यशस्वी जयसवाल और विस्फोटक बल्लेबाज केएल राहुल। गेंदबाजी की अनुकूल pitch पर धैर्य के साथ खेलते हुए यशस्वी जैसवाल (0 रन) बनाकर कैच आउट हो गए। साथी खिलाड़ी केएल राहुल ने कुछ बेह्तरीन शॉट खेले और 26 रन बनाकर आउट हो गए। अब भारत का स्कोर हो गया 2 विकेट पर 14 रन।मिडल ऑर्डर का जुझारूपन:
इसके बाद बल्लेबाजी करने आते हैं भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली (5 रन) जिन्होंने अपनी क्लास दिखाते हुए कुछ संघर्ष किया, लेकिन हेज़लवुड की बाहर जाती हुई गेंद पर स्लिप में कैच दे बैठे और आउट हो गए। हालांकि ऋषभ पंत (37 रन) और ध्रुव जुरेल (11 रन) ने कुछ कोशिश की पर उछाल भरी इस पिच पर वो भी नहीं चल सके और भारत का स्कोर हो गया 5 विकेट पर 59 रन।
पुछल्ले बल्लेबाजों की कोशिशें:
अब बारी आती है भारत के युवा ऑल-राउंडर वाशिंग्टन सुन्दर और नीतीश कुमार रेड्डी की जिन्होंने छोटी सी साझेदारी निभाई और क्रमश सुन्दर 4 रन, नीतीश कुमार 41 रन बनाकर पैवेलियन लौट गए। इसके बाद गेंदबाजों ने कुछ रन बनाए। इस प्रकार भारत की पहली पारी 150 रन पर ही सिमट गयी थी। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से सबसे ज्यादा 4 विकेट जोश हेज़लवुड ने लिए। मिचेल स्टार्क, पैट कमिंस और मिशेल मार्श को दो-दो विकेट मिले।
जिसके बाद सभी यह बोलने लगे थे कि ऑस्ट्रेलिया इस मैच को आसानी से जीत लेगी और उसको बड़ी बढ़त से रोकना नामुमकिन है।
बूम-बूम का कहर:
सब यह तो बोल रहे थे कि ऑस्ट्रेलिया को बढ़त भी आसानी से मिल जाएगी और मैच भी जीत लेगी। लेकिन किसी ने भारत की गेंदबाजी के बारे में नहीं सोचा, खासकर बूम-बूम बुमराह के बारे में ध्यान ही नहीं दिया।
ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी अच्छी चल रही थी, उसने पहली पारी में स्टंप तक दिन का खेल खत्म होने तक उसका स्कोर बिना विकेट खोए 12 रन था।
जानें कैसे जब भारत के कप्तान जसप्रीत बुमराह ने कहर बरपाना शुरू किया और 5 विकेट लेकर मैच की तस्वीर ही बदल दी। साथ ही मोहम्मद सिराज ने एक तरफ से दबाव बनाए रखा और 3 विकेट झटके।
डे-2 का खेल:
ऑस्ट्रेलिया 12 रन से आगे खेलना शुरू करती है, हालांकि पिच पर थोड़ी नमी थी, आसमान मे बादल छाए हुए थे और गेंद स्विंग कर रही थी। इसी का फायदा भारतीय गेंदबाजों ने उठाते हुए ऑस्ट्रेलिया की कमर ही तोड़ दी। शुरुआत में पहले ओवर में ही जसप्रीत बुमराह ने नाथन मकश्विनी 10 का विकेट लेकर भारत को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद बुमराह ने अपने अगले ओवर में उस्मान ख्वाजा 8 को कैच आउट करा दिया, ऑस्ट्रेलिया का स्कोर हो गया 2 विकेट पर 19 रन। दोनों ओपनर्स 20 रन के भीतर पवेलियन चले गए।
अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ और मार्नस लाबुशेन ऑस्ट्रेलिया को सम्भालने की कोशिश करते हैं पर वो भी ज्यादा देर नहीं टिक पाते है। लाबुशेन (2 रन) को सिराज इन स्विंग गेंद पर LBW कर देते है। स्टीव स्मिथ पहली ही गेंद पर बुमराह का शिकार बन जाते है। स्कोर बोर्ड पर स्कोर था 4 विकेट पर 31 रन। इसके बाद बल्लेबाजी करने आते हैं ट्रैविस हेड (11) और मिशेल मार्श (6) सिराज की तेज स्पीड और सटीक लेंथ के आगे टिक नहीं पाए। जसप्रीत बुमराह ने एलेक्स कैरी (21) को चलता किया। बचा कुचा काम हर्षित राणा ने कर दिया, मिचेल स्टार्क और नाथन लीऑन दोनों को समेट दिया।
ऑस्ट्रेलिया का कोई भी बल्लेबाज टिक नहीं पाया, बस मिचेल स्टार्क 26 रन और विकेटकीपर अलेक्स केरी 21रन ही टॉप स्कोरर रहे, पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम 104 रनों पर सिमट गई।
दूसरी पारी और बल्लेबाजों का बोलबाला:
इसके बाद शुरुआत होती है दूसरी पारी की भारत की ओर से बल्लेबाजी करने आते हैं सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल। अब पिच को दोनों जान चुके थे। इसलिए धैर्य व आक्रामक दोनों तरीकों से खेलते हुए, स्टंप्स तक भारत का स्कोर 0 विकेट पर 52 रन था- अब लीड 98 रन की हो चुकी थी। मैच अब ऑस्ट्रेलिया से दूर जाता नजर आ रहा था।स्टंप्स के बाद खेल शुरु हुआ और दोनों बल्लेबाजों ने नाबाद अर्धशतक लगाकर, टीम को मैच में काफ़ी आगे ले गए। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने पर, भारत ने बिना विकेट गंवाये 172 रन बनाकर यादगार वापसी की है। यशस्वी जायसवाल 90 और केएल राहुल 62 रन बनाकर क्रीज पर डटै हुए हैं। भारत की कुल बढ़त 218 रन की हो गई है।
उसके अभी सभी 10 विकेट शेष है, 20 साल बाद भारतीय सलामी बल्लेबाजों ने ऑस्ट्रेलिया में शतकीय साझेदारी की है। इससे पहले 2003-04 में वीरेंद्र सहवाग और आकाश चोपड़ा की सलामी जोड़ी ने ऐसा किया था।
डे-3 यशस्वी का यस शो:
तीसरे दिन का खेल शुरु हुआ और यशस्वी जायसवाल ने पहले अपना शतक पूरा किया, फिर आक्रमक अंदाज में खेलते हुए 161 रनों की पारी खेलकर नाथन लीऑन के शिकार बन गए, और इनकी पारी का यहीं अंत हो गया। इसके बाद के एल राहुल ने 77 रन बनाए, विराट कोहली ने अपना शतक पूरा किया और नीतीश कुमार रेड्डी ने 38 रनों का योगदान दिया। भारत ने पारी को 487/6 रनों पर घोषित कर दिया। ऑस्ट्रेलिया को 534 रनों का लक्ष्य दिया।ऑस्ट्रेलिया की तरफ से सर्वाधिक विकेट स्पिनर नाथन लीऑन ने लिये।
ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी:
ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पारी का आगाज करने आए उस्मान ख्वाजा और नाथन मकश्विनी सावधानी से खेलते हुए, दिन का खेल बिना विकेट गंवाये समाप्त किया।आप की क्या राय है, क्या भारत मैच जीत पाएगा comment में बताएं।

