Dream11 और My11Circle के लिए बुरी खबर | क्या नया विधेयक बदल देगा खेल | क्रिकेट का भविष्य 😳 खतरे में?
ऑनलाइन गेमिंग विधेयक: क्या भारत में खत्म हो जाएगा फैंटेसी स्पोर्ट्स का दौर? पिछले कुछ सालों में या यूं कहें कि जब लाॅकडाउन लगा था तब से ऑनलाइन गेमिंग हो, सट्टा बाजार हो या फिर गेम्बलिंग हो ये सब तेजी से वायरस की तरह फैल गए। क्योंकि बड़े बड़े सिलेब्रिटी इन सबका विज्ञापन करते हैं। लेकिन अब सरकार ने इस पर कड़ा प्रतिबंध लगाने का विधेयक पारित किया है, आइए जानते इस विधेयक के बारे में।

■ Dream11 के पास भारतीय क्रिकेट टीम के टाइटल अधिकार लगभग $44 मिलियन (लगभग ₹358 करोड़) में पाँच साल के लिए हैं।
■ My11Circle ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के लिए फैंटेसी स्पोर्ट्स पार्टनरशिप के अधिकार ₹625 करोड़ (लगभग ₹125 करोड़ प्रति वर्ष) में खरीदे हैं।
यह स्थिति सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं है, बल्कि कबड्डी और फुटबॉल जैसे खेलों की फ्रेंचाइजी-आधारित घरेलू लीग को भी प्रभावित करेगी।
खेल वकील विदुषपत सिंघानिया का मानना है कि भारतीय क्रिकेट को प्रायोजकों की कमी नहीं होगी, लेकिन इस विधेयक से क्रिकेटरों का व्यक्तिगत प्रायोजन बाजार जरूर प्रभावित होगा। उनका यह भी कहना है कि फैंटेसी गेम्स शायद जारी रह सकते हैं, लेकिन वे गेमिंग जिसमें पैसे देकर कमाई की जाती है (वास्तविक धन वाली गेमिंग), इस विधेयक के अनुसार प्रतिबंधित हैं।
चूंकि इस प्रतिबंध से फैंटेसी गेमिंग ऐप्स का भारी राजस्व कम होगा, इसलिए खेल जगत में वापस आने वाला पैसा भी काफी कम हो जाएगा। इससे खेल और प्रशंसकों के बीच की भागीदारी पर भी असर पड़ सकता है।
क्या आपको लगता है कि इस विधेयक से भारतीय खेलों के भविष्य पर सकारात्मक या नकारात्मक असर पड़ेगा ?
ऑनलाइन गेमिंग विधेयक का भारतीय खेल पर असर
लोकसभा में बुधवार को पारित ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन व विनियमन विधेयक 2025 भारतीय खेलों, विशेषकर क्रिकेट के लिए एक बड़ा बदलाव ला सकता है। अगर यह विधेयक कानून बन जाता है, तो वास्तविक धन वाले ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म का अस्तित्व खत्म हो सकता है।
खेल प्रायोजन बाजार को मिलेगी चुनौती
ऑनलाइन गेमिंग कंपनियां भारतीय खेल, खासकर क्रिकेट के प्रायोजन बाजार का एक बड़ा हिस्सा हैं। अरबों डॉलर का यह उद्योग, जिसमें फैंटेसी गेमिंग भी शामिल है, राजस्व में भारी गिरावट देख सकता है। इसका सीधा असर Dream11 जैसी उन कंपनियों पर पड़ेगा जो क्रिकेट के प्रायोजन पर बड़ी रकम खर्च करती हैं।■ Dream11 के पास भारतीय क्रिकेट टीम के टाइटल अधिकार लगभग $44 मिलियन (लगभग ₹358 करोड़) में पाँच साल के लिए हैं।
■ My11Circle ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के लिए फैंटेसी स्पोर्ट्स पार्टनरशिप के अधिकार ₹625 करोड़ (लगभग ₹125 करोड़ प्रति वर्ष) में खरीदे हैं।
यह स्थिति सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं है, बल्कि कबड्डी और फुटबॉल जैसे खेलों की फ्रेंचाइजी-आधारित घरेलू लीग को भी प्रभावित करेगी।
खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रायोजन पर भी असर
खेल वकील विदुषपत सिंघानिया का मानना है कि भारतीय क्रिकेट को प्रायोजकों की कमी नहीं होगी, लेकिन इस विधेयक से क्रिकेटरों का व्यक्तिगत प्रायोजन बाजार जरूर प्रभावित होगा। उनका यह भी कहना है कि फैंटेसी गेम्स शायद जारी रह सकते हैं, लेकिन वे गेमिंग जिसमें पैसे देकर कमाई की जाती है (वास्तविक धन वाली गेमिंग), इस विधेयक के अनुसार प्रतिबंधित हैं।चूंकि इस प्रतिबंध से फैंटेसी गेमिंग ऐप्स का भारी राजस्व कम होगा, इसलिए खेल जगत में वापस आने वाला पैसा भी काफी कम हो जाएगा। इससे खेल और प्रशंसकों के बीच की भागीदारी पर भी असर पड़ सकता है।
क्या आपको लगता है कि इस विधेयक से भारतीय खेलों के भविष्य पर सकारात्मक या नकारात्मक असर पड़ेगा ?
