योगी आदित्यनाथ की बायोपिक को बॉम्बे हाईकोर्ट ने दी हरी झंडी | जानें सीएम के जीवन से जुड़ी कुछ अनसुनी बातें
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीवन पर आधारित फिल्म 'अजय: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ए योगी' को बॉम्बे हाईकोर्ट ने बिना किसी काट-छांट के रिलीज करने की मंजूरी दे दी है। जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और जस्टिस नीला गोखले की पीठ ने सेंसर बोर्ड को फिल्म को प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश दिया। पीठ ने कहा कि उसने फिल्म देखी है और इसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं पाया गया है। इस बजह से कोर्ट ने यह आदेश दिया है। आइये जानते हैं योगी आदित्यनाथ के जीवन से जुड़ी कुछ अनसुनी बातों को। कैसे पड़ा इनका नाम योगी आदित्यनाथ? कौन थे इनके गुरू?

परिचय
योगी आदित्यनाथ, जिनका असली नाम अजय सिंह बिष्ट है, का जन्म 5 जून 1972 को उत्तर प्रदेश (अब उत्तराखंड) के पौड़ी गढ़वाल जिले के पंचूर गाँव में हुआ था। वह एक गढ़वाली राजपूत परिवार से आते हैं। अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद, 1990 के दशक के शुरुआती दौर में उन्होंने अपना घर छोड़ दिया और गोरखपुर में महंत अवैद्यनाथ के शिष्य बने जो कि गोरखनाथ मठ के मुख्य पुजारी थे।शिक्षा और शुरुआती जीवन
योगी आदित्यनाथ ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पौड़ी गढ़वाल के स्थानीय स्कूलों से प्राप्त की। उन्होंने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से गणित में बीएससी की डिग्री हासिल की। अपनी पढ़ाई के बाद, उन्होंने 21 साल की उम्र में सांसारिक जीवन त्याग दिया और 1993 में राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल हो गए। इसी दौरान वे अपने गुरु महंत अवैद्यनाथ के संपर्क में आए और उनके शिष्य बन गए। 1994 में, उन्होंने संन्यास लिया और उनका नाम अजय सिंह बिष्ट से योगी आदित्यनाथ हो गया।राजनीतिक और धार्मिक करियर
■ वह गोरखनाथ मठ के महंत (मुख्य पुजारी) हैं, जिसकी स्थापना उनके गुरु महंत अवैद्यनाथ ने की थी। 2014 में महंत अवैद्यनाथ के निधन के बाद, योगी आदित्यनाथ ने मठ की बागडोर संभाली।■ योगी आदित्यनाथ ने अपना राजनीतिक करियर 1998 में शुरू किया, जब वह 26 साल की उम्र में गोरखपुर से सबसे कम उम्र के लोकसभा सांसद बने।

■ इसके बाद, उन्होंने 1999, 2004, 2009 और 2014 के लोकसभा चुनावों में लगातार जीत हासिल की।
■ साल 2002 में, उन्होंने हिंदू युवा वाहिनी नामक एक सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन की स्थापना की।
■ मार्च 2017 में, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद, उन्हें राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया।
■ 2022 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा की जीत के बाद, वह दोबारा मुख्यमंत्री बने, जिससे वे उत्तर प्रदेश में लगातार दो कार्यकाल पूरे करने वाले पहले मुख्यमंत्री बने। इनसे पहले उत्तर प्रदेश में और कोई लगातार दो बार मुख्यमंत्री नहीं बन पाया है।
योगी आदित्यनाथ को उनकी राष्ट्रवादी और हिंदुत्व विचारधारा के लिए जाना जाता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे में सुधार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए भी काम किया है। उन्होंने "राजयोग: स्वरूप एवं साधना" सहित कई किताबें भी लिखी हैं।
फिल्म में योगी आदित्यनाथ के अब तक के पूरे जीवन काल के बारे में बताया गया है। उनके प्रारंभिक जीवन से लेकर, सन्यास, राजनीतिक करियर और मुख्यमंत्री पद तक। कुछ अटकलों के बाद बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस फिल्म को रिलीज होने की मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने खुद कहा कि उन्होंने फिल्म देखी है। आप क्या कहना चाहेंगे इस फिल्म (अजय: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ए योगी) के संदर्भ में। क्या आपने यह फिल्म देखी है? Comment में बताये कैसी लगी आपको।
✅️ FOLLOW for updated news

ajay the unlt stry.
जवाब देंहटाएं