GST की नई दरें 22 सितंबर से होंगी लागू, इन 175 चीजों के घटेंगे दाम
भारत में अब जीएसटी की केवल दो दरें होंगी, जिससे 175 से ज़्यादा वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी। जीएसटी परिषद ने चार दरों को हटाकर अब केवल 5% और 18% के दो स्लैब रखने की मंजूरी दे दी है। यह बदलाव 22 सितंबर से लागू होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को इन कर सुधारों को जनता के लिए "दिवाली का तोहफा" बताया था।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में नई दिल्ली में हुई जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक में यह अहम फैसला लिया गया। बिहार के वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने इस बात की पुष्टि की है कि नई दरें 22 सितंबर से प्रभावी हो जाएंगी।


क्या आप यह जानते हैं?
भारत हो या फिर दुनिया का कोई भी देश हो उसे चलाने के लिए पैसे की जरूरत होती है, लेकिन वो पैसा आता कहाँ से है। आज हम इस पोस्ट के माध्यम से आपको बतायेंगे, क्योंकि ज्यादातर लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं है। GST (Goods and Services Tax) / जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) यह भारत में 1 जुलाई 2017 को लागू हुई थी। यह एक अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) व्यवस्था है। इसका उद्देश्य एक "देश एक कर " है, यह एकीकृत कर प्रणाली है जिसने केंद्र और राज्यों के द्वारा लगाए जाने वाले कई पुराने अप्रत्यक्ष करों जैसे- VAT, सेवा शुल्क, उत्पाद शुल्क आदि की जगह ले ली है। अब तक जीएसटी के चार स्लैब 5%, 12%, 18%, और 28% होते थे, जोकि अब केंद्र सरकार ने इसे दो स्लैब में रखने की बात कही है 5% और 18%।
■ व्यापार पंजीकरण: एमएसएमई (MSME) और स्टार्टअप के लिए पंजीकरण का समय 30 दिन से घटाकर सिर्फ 3 दिन कर दिया गया है।
■ जीएसटी रिफंड: निर्यातकों के लिए स्वचालित जीएसटी रिफंड के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
इसके अलावा, कई रोज़मर्रा की वस्तुएं भी सस्ती होंगी, जिनमें शामिल हैं:
● टूथ पाउडर, टूथपेस्ट, टूथब्रश
● साबुन, शैम्पू, हेयर ऑयल, टैल्कम पाउडर, फेस पाउडर
● दूध की बोतलें, रसोई के बर्तन, कंघी
● साइकिल, छाते, कपड़े, बांस के फर्नीचर, जूते
● सीमेंट
वहीं, कुछ लग्जरी और विशिष्ट उत्पादों को 40% के दायरे में रखने पर भी चर्चा चल रही है। इनमें 1,200 सीसी और 1,500 सीसी से अधिक की लंबाई वाले पेट्रोल और डीजल वाहन, 350 सीसी से अधिक की मोटरसाइकिलें, निजी इस्तेमाल के लिए नौकाएं और विमान, रेसिंग कारें, स्टेशन वैगन, तंबाकू और धूम्रपान पाइप शामिल हैं।
व्यापारियों को मिली राहत
परिषद ने व्यापारियों पर से अनुपालन का बोझ कम करने के लिए भी कुछ अहम कदम उठाए हैं:■ व्यापार पंजीकरण: एमएसएमई (MSME) और स्टार्टअप के लिए पंजीकरण का समय 30 दिन से घटाकर सिर्फ 3 दिन कर दिया गया है।
■ जीएसटी रिफंड: निर्यातकों के लिए स्वचालित जीएसटी रिफंड के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
क्या होगा सस्ता?
रेडिमेड कपड़े और चमड़े के उत्पादों पर कर कम किया गया है। अब ₹2,500 तक के वस्त्र और चमड़े के उत्पादों पर 5% टैक्स लगेगा, जबकि पहले यह सीमा सिर्फ ₹1,000 थी। वहीं, ₹2,500 से अधिक के उत्पादों पर टैक्स दर 12% से बढ़कर 18% हो जाएगी।इसके अलावा, कई रोज़मर्रा की वस्तुएं भी सस्ती होंगी, जिनमें शामिल हैं:
● टूथ पाउडर, टूथपेस्ट, टूथब्रश
● साबुन, शैम्पू, हेयर ऑयल, टैल्कम पाउडर, फेस पाउडर
● दूध की बोतलें, रसोई के बर्तन, कंघी
● साइकिल, छाते, कपड़े, बांस के फर्नीचर, जूते
● सीमेंट
वाहनों और लग्जरी सामानों पर विचार
बैठक में कुछ वाहनों पर जीएसटी दरें कम करने पर भी विचार किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, 1,200 सीसी से कम और 4,000 मिमी से कम लंबाई वाले पेट्रोल, एलपीजी और सीएनजी वाहनों और 1,500 सीसी तक के डीजल वाहनों पर जीएसटी को 28% से घटाकर 18% किया जा सकता है।वहीं, कुछ लग्जरी और विशिष्ट उत्पादों को 40% के दायरे में रखने पर भी चर्चा चल रही है। इनमें 1,200 सीसी और 1,500 सीसी से अधिक की लंबाई वाले पेट्रोल और डीजल वाहन, 350 सीसी से अधिक की मोटरसाइकिलें, निजी इस्तेमाल के लिए नौकाएं और विमान, रेसिंग कारें, स्टेशन वैगन, तंबाकू और धूम्रपान पाइप शामिल हैं।
तोहफा और मौका एक साथ
GST की नई दरें 22 सितंबर से होंगी लागू, इस से अच्छा और क्या हो सकता है क्योंकि 22 सितंबर से नवरात्रि शुरू हो रही हैं और उसके बाद दशहरा भी है, फिर दिवाली, धनतेरस इन मौकों पर लोग खरीदारी करना शुभ मानते हैं। इस लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे " दिवाली का तोहफा " बताया है।
